मशीन को सोचना किसने सिखाया? “मिलिए AI के जनक John McCarthy से: वो शख्स जिसने ‘Artificial Intelligence’ शब्द को जन्म दिया!”

AI के जनक John McCarthy कौन थे? aijobfuture की इस गहरी रिपोर्ट में जानें उस महान वैज्ञानिक का असली सच, जिसने मशीनों को सोचना सिखाया। क्या आप उनकी मेहनत का राज जानते हैं?

मशीन को सोचना किसने सिखाया? मिलिए AI के जनक John McCarthy से!

दोस्त, आज हम 2026 में जी रहे हैं जहाँ एआई हमारे कपड़े धोने से लेकर हमारे बिजनेस चलाने तक में मदद कर रहा है। लेकिन, क्या आपने कभी रुककर सोचा है कि इस ‘मशीनी दिमाग’ का बीज किसने बोया था? दरअसल, यह कोई जादू नहीं था, बल्कि एक इंसान का पागलपन और उसकी बरसों की मेहनत थी।

आज aijobfuture.com पर हम बात करेंगे AI के जनक John McCarthy की। दरअसल, वह वही शख्स थे जिन्होंने न केवल मशीनों को बुद्धि देने का सपना देखा, बल्कि पूरी दुनिया को ‘Artificial Intelligence’ जैसा दमदार शब्द भी दिया।

Dartmouth Conference: जहाँ AI ने पहली बार ली अंगड़ाई!

सच्चाई तो यह है कि 1956 से पहले ‘एआई’ जैसा कोई शब्द वजूद में ही नहीं था। परन्तु, जॉन मैकार्थी ने डार्टमाउथ कॉलेज में एक ऐसी कॉन्फ्रेंस बुलाई जिसने इतिहास बदल दिया।

  • असली मकसद: जॉन चाहते थे कि मशीनें इंसानी भाषा का इस्तेमाल करें और समस्याओं को हल करें।
  • सफलता: इसी मीटिंग में उन्होंने दुनिया को ‘Artificial Intelligence‘ शब्द से मिलवाया। दरसल, यह उनके करियर का सबसे खास मोड़ था।

LISP: एआई की अपनी ‘जुबान’!

LISP नाम की एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज बनाई।

AI के जनक John McCarthy सिर्फ बातें करने में विश्वास नहीं रखते थे। उन्होंने 1958 में LISP नाम की एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज बनाई।

  • क्यों है खास? यह एआई के लिए बनाई गई दूसरी सबसे पुरानी और दमदार भाषा है।
  • गहराई: आज के मॉडर्न एआई मॉडल्स की नींव में कहीं न कहीं इसी भाषा का योगदान है। सच्चाई तो यही है कि इसके बिना एआई का विकास बहुत धीमा होता।

जॉन मैकार्थी की वो 3 बातें जो आपको जाननी चाहिए!

  • Time-Sharing का कॉन्सेप्ट: एक्चुअली में , उन्होंने ही बताया कि एक कंप्यूटर को एक साथ कई लोग कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • Logic-Based AI: उनका मानना था कि एआई को ‘लॉजिक’ (तर्क) पर आधारित होना चाहिए, न कि सिर्फ नकल पर।
  • भविष्यवाणी: उन्होंने बहुत पहले कह दिया था कि एक दिन कंप्यूटर की शक्ति बिजली की तरह ‘पब्लिक यूटिलिटी’ बन जाएगी। बहुत अच्छा सोचा था उन्होंने, जो आज 2026 में सच हो गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

AI शब्द का जन्म कब और किसने किया?

सच्चाई यह है कि 1956 में AI के जनक John McCarthy ने ‘Artificial Intelligence’ शब्द को पहली बार दुनिया के सामने रखा था।

जॉन मैकार्थी को AI का जनक क्यों कहा जाता है?

दरअसल, उन्होंने ही एआई को एक अलग वैज्ञानिक क्षेत्र के रूप में स्थापित किया और इसकी पहली प्रोग्रामिंग भाषा LISP बनाई। उनकी मेहनत ही आज के एआई का आधार है।

क्या जॉन मैकार्थी ने आज के ChatGPT की कल्पना की थी?

एक्चुअली में, उन्होंने एक ऐसी मशीन की कल्पना की थी जो इंसानों की तरह संवाद कर सके, और आज का एआई उसी दिशा में एक दमदार कदम है।

निष्कर्ष (Conclusion)

दोस्त, “बोध के बिना किया गया श्रम व्यर्थ है।” AI के जनक John McCarthy के पास वह बोध (Vision) था। उन्होंने मशीनों को सिर्फ कैलकुलेटर नहीं समझा, बल्कि उन्हें एक ‘सोचने वाला साथी’ बनाने के लिए अपनी पूरी जिंदगी लगा दी।

aijobfuture.com का मानना है कि आज हम जो एआई की फसल काट रहे हैं, उसका बीज जॉन मैकार्थी ने बहुत गहराई में बोया था। उनकी मेहनत को सलाम!

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख ऐतिहासिक तथ्यों और वैज्ञानिक उपलब्धियों की जानकारी देने के लिए है। AI के जनक John McCarthy से जुड़ी जानकारी विभिन्न ऐतिहासिक अभिलेखों से ली गई है। aijobfuture.com किसी भी तारीख या घटना में मानवीय त्रुटि की 100% गारंटी नहीं लेता। Antick (अनोखे/पुराने) विचारों को आज के एआई से जोड़कर देखना ही हमारा उद्देश्य है। एक्चुअली में, किसी भी तकनीकी शोध के लिए आधिकारिक वैज्ञानिक पत्रिकाओं का संदर्भ लें।